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वही इससे पुरुष मन को गहरी संतुष्टि मिलती है l सन्तान की कामना को शास्त्रकारों ने सहज माना है l उन्होंने छोटी -बड़ी कामनाओ को तीन भागो में विभाजित किया है I इन तीनो में पुत्र कामना भी एक है I इसे वे पुत्रेषणा कहते है I पुत्र का अर्थ पुत्र और संतान दोनों ही है I हिन्दू परिवारों में कन्या पराया धन है
४ संतान विषय पर ऐसी पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई I
Grah Nakshtron Dwara Bhagya Nirmaan
इस पुस्तक में पुत्र -पुत्री और संतान दोनों को प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत चर्चा की है I यदि चिकित्सा के बावजूद आपकी इच्छा पूरी नहीं हो रही है तो उपस्थित बाधाओं को देवकृपा से हटाया जा सकता है I इसके लिए ज्योतिष सम्बन्धी विभिन्न योगो की जानकारी देते हुए सरल- सुगम अनुष्ठानो को इस पुस्तक में बताया गया है I इन्हे श्रद्धापूर्वक करने से इष्ट की प्राप्ति होती है
Safal Jyotishi Bane - Brihad Jyotish Gyan [Hindi] Insights in Nadis [English] in English language( ) Author Pandit Krishankant Bhardwaj I , I , I I , , I : , , I , I , , , , I